कुछ वीडियो आश्रम में प्रशासन की संवेदनहीन और राक्षसी कार्यवाही के…

Being warned against forceful entry into the Ashram by Br Dayanand & Dr Vijay Verma

<a href="http://“>श्री गुरुदेव के कक्ष के बाहर पुलिस द्वारा बलपूर्वक हटाये गए आश्रम के संत एवं भक्त

<a href="http://“>श्री गुरुदेव के बरामदे की ग्रिल काटते हुए

https://www.youtube.com/watch?v=thnommOs7oY video link of ‘Satyagrah’ documentary film produced by Lisa Sabina Harney, was adjudged world best documentary in International Film Festival 2013

खनन बंद होने के कारण श्री गुरुदेव ने जल ग्रहण किया

आज प्रेस को संबोधित करते हुए श्री गुरुदेव जी ने कहा कि चूँकि खनन बंद किया गया है इसलिए मैंने केवल जल लेना शुरू किया है, लेकिन चूँकि ये खनन बंदी बरसात के चलते हुई है इसलिए हमारी तपस्या अनवरत जारी रहेगी| शासन प्रशासन की तरफ से कोई लिखित सूचना नहीं दी गई है, लेकिन हमने अपने स्रोत से पता लगाया है कि खनन बंद है इसलिए मैं अपने सिद्धान्त के तहत जल लेना शुरु किया हूँ| हमारी तपस्या जारी रहेगी और ये तब तक जारी रहेगी जब तक कि लिखित में नहीं आएगा कि रायवाला से भोगपुर के बीच गंगा में हमेशा के लिए खनन पूर्ण रूप से खनन बंद दिया गया है और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही नहीं की जाती हैं|
रविवार (28 May 2017) को श्री गुरुदेव जी के पवित्र कक्ष का मुख्य दरवाजा को काटने लगे जिससे श्री गुरुदेव जी के पवित्र कक्ष धुआं से भर गया और कमरे में मौजूद श्री गुरुदेव और उनके दो शिष्यों के गले और फेफड़े में धुआं भर गया जिसका परिणाम है कि श्री गुरुदेव जी के गले में जख्म हो गये है और जल लेने में परेशानी हो रही है।

वीडियो लिंक
श्री गुरुदेव की प्रेस वार्ता दिनांक १ जून २०१७

श्री गुरुदेव जल ग्रहण करते हुए
जल ग्रहण.jpg

आश्रम में प्रशासन का बलपूर्वक प्रवेश

रविवार (28 May 2017) की संध्या पांच बजे हरिद्वार जिला प्रशासन के लोग भारी पुलिस बल साथ लेकर आश्रम में आये और ईंधन वाला कटर लेकर श्री गुरुदेव जी के पवित्र कक्ष का ग्रिल काटकर मुख्य दरवाज़ा से पहले मच्छरजाली दरवाज़ा को काटकर मुख्य दरवाजा को काटने लगे जिससे श्री गुरुदेव जी का पवित्र कक्ष धुआं से भर गया और श्री गुरुदेव सहित दो संतों का अंदर दम घुटने लगा, इसकी सूचना मौके पर मौजूद SDM हरिद्वार को दी गई उसके बाद भी वे लोग ऐसा करने से नहीं रुके, हत्या का प्रयास किया गया, मौका पर मौजूद थानाध्यक्ष कनखल को लिखित तहरीर दी पर वे रिसीव नहीं किये।
उनका इरादा श्री गुरुदेव की जीवन रक्षा की आड़ में गुरुदेव को फ़ोर्स फीड करने के लिए अस्पताल ले जाना था और जिस प्रकार स्वामी निगमानंद की हत्या की थी उसी प्रकार वे गुरुदेव की भी हत्या करना चाहते थे|
श्री गुरुदेव की तपस्या जारी है और आज (31 May 2017) उनकी तपस्या का आठवां दिवस है| जल के परित्याग का छठवां दिन

3a
मेन गेट के बाहर भारी पुलिस फ़ोर्स
2a
पुलिसकर्मी ग्रिल काटने को तैयार
कटर से ग्रिल काटते हुए
श्री गुरुदेव के कक्ष के बरामदे में
4a
श्री गुरुदेव के कक्ष के बाहर
IMG_20170526_070714
श्री गुरुदेव की तपस्या का 8वां और जल परित्याग का 6वां दिन

ब्र. आत्मबोधानंद जी की तपस्या 14 मई 2017 से आरम्भ Br. Aatmbodhanand ji begins Tapasya from tomorrow 14th May 2017

anshan aatmbodhanand ji

गंगाजी में एक भी पत्थर और बोल्डर ऊपर से लुढ़ककर नहीं आता है, इस सम्बन्ध में केंद्रीय पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की दो जांच रिपोर्ट पटल पर है जिसमें कहा गया है कि पत्थरों और बोल्डर की प्रतिपूर्ति असंभव है और यह भी कि 1998 में हुए खनन से बने गड्ढे अभी भी जैसे का तैसा ही है| इस सम्बन्ध में CPCB Delhi ने 6 दिसंबर 2016 को EP ACT 1986 की धारा 05 के तहत निर्देश गंगा के रायवाला से भोगपुर के बीच खनन बंद करने, अवैघ खनन रोकने और गंगा किनारे 5 किलोमीटर की दूरी तक संचालित स्टोन क्रेशरों को बंद करने का दिया था| 
इस आदेश को बलपूर्वक लागू करने के लिए मा. उच्च न्यायालय उत्तरखंड का 03 मई २०१७ के आदेश की प्रति कल ही प्राप्त हुई| इन समस्त तथ्यों को दरकिनार कर खनन खोल दिया गया है| एक तरफ मा. उच्च न्यायालय ने गंगा जी को जीवित प्राणी का दर्जा दिया है वहीँ मुख्य सचिव एस. रामास्वामी जी, औद्योगिक सचिव शैलेश बगौली जी, निदेशक एवं अपर सचिव विनय शंकर पाण्डेय जी गंगा जी को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं, अतः इन तीनो सहित खनन कार्यादेश जारी करनेवाले को तत्काल निलंबित करने और गंगा जी में खनन बंद करने की संकल्पों को लेकर कल से ब्रह्मचारी आत्मबोधानन्द जी तपस्या शुरू कर देंगे| यह वही सरकार है जिसने EIA Notification 2006 की अवहेलना कर खनन करने के विरुद्ध तपस्यारत स्वामी निगमानंद सरस्वती जी की हत्या करवाई थी और पुनः मातृ सदन के अन्य संतों की हत्या का षड़यंत्र रचा है| अतः इनके कृत्यों को देखकर धर्म के ठेकेदार पार्टी के असलियत को समझें| पूर्व की सरकार में केवल एक हरीश रावत ही मुखर होकर बोलते थे लेकिन इसमें तो कई हरीश रावत है, जिसमे मुख्य मंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, राजस्व मंत्री श्री प्रकाश पन्त, मंत्री मदन कौशिक और विधायक यतीश्वरानंद मुख्य हैं |

‘Not a single stone or bolder comes down from upstream’, there are two such reports from the Ministry of Environment, Forest & Climate Change substantiating this fact, wherein It is said that replenishment of stones and boulders is impossible and the deep pits made while mining still remain as it was in 1998. On December 6, 2017, in relation to above fact CPCB Delhi already issued directions under section 5 of EP Act 1986 to ban mining between Raiwala and Bhogpur, close down all stone crusher within 5 km from the bank of Ganga in this area & take strict action against illegal mining.

To get this order enforced an order was passed by the Hon’ble Uttarakhand High Court on 03 May 2017, copy of this order was published on Hon’ble Court’s website on 12th May. Bypassing all the facts, mining has been re-started. It is ironical that although Hon’ble High Court has declared Ganga as living entity but the Chief Secretary Shri S Ramaswami, Industrial Secy Shri Shailesh Bagoli and additional secretary Shri Vinay Shankar Pandey are bent upon to destroy Ganga Ji with his entire might.

Therefore, Matri Sadan saint Br. Atmbodhanand ji begins Tapasya from tomorrow with the demands to immediately suspend the above stated officials including who issued execution order for mining and stop mining in Ganga. This is the same Govt. who is responsible for the murder of Swami Nigamanand while he was doing Tapasya in a protest against mining being done in violation of EIA Notification 2006. Now the new Govt. is all set to conspire against other saints of Matri Sadan. Be aware and understand the real faces of so called religious people. There was only one Harish Rawat in the previous government but in this present government there are many Harish Rawats such as Chief Minister Shri Trivendra Singh Rawat, Finance Minister Shri Prakash Pant, Minister Shri Madan Kaushik and MLA Shri Yateeshwaranada etc.