इनके इस चरित्र को किस भाषा में व किस रूप में अभिव्यक्त किया जाए?

मोहम्मद सलीम बनाम राज्य सरकार उत्तराखण्ड के वाद संख्या 126/2014 में; माननीय हाईकोर्ट उत्तराखण्ड ने गंगा व उसके उच्चतम बाढ़-प्रवण क्षेत्र पर खनन पर पूर्णतः रोक लगाई| इस पर राज्य सरकार तथा खनन व क्रेशर वालों के गठजोड़ ने हाईकोर्ट में ही पुनर्विचार याचिका दायर की किन्तु हाईकोर्ट ने उसे भी यह कहते हुए कि कोर्ट बाहरी कारण (प्रीवी) के द्वारा बाध्य होकर, नदी (गंगा) में खनन नहीं करा सकती है, इस याचिका को भी ख़ारिज कर दिया| इस पर आर.एस.एस से जुड़ी एवं केंद्र सरकार में जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनर्जीवन मंत्रालय जिसकी मुखिया श्री श्री उमा भारती जी हैं और इसके अतिरिक्त नमामि गंगे के संयोजक व उत्तराखण्ड के वर्तमान मुख्यमंत्री श्रीमान् त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी ये भी बचपन से ही आर.एस.एस से जुड़े हुए हैं, ने खननकर्ता व क्रशर मालिकों के साथ सांठ-गांठ कर अलग अलग याचिकाएं दायर करवाई है| इन सबकी सांठ-गांठ का प्रमाण, भूततत्त्व एवं खनिकर्म इकाई के एक कर्मचारी के द्वारा, सबकी प्रति मातृसदन को एक साथ उपलब्ध कराने से भी मिलता है|
एक तरफ राम मंदिर के मुद्दे पर इनका कथन है कि, मुसलमान राम मंदिर नहीं बनने दे रहा है| वहीं दूसरी ओर एक मुसलमान की याचिका पर; गंगा पर जिस खनन पर रोक लगी है, उसको खुलवाने के लिए ये सभी पूरा जोड़-तोड़ कर हैं| इनके इस चरित्र को किस भाषा में व किस रूप में अभिव्यक्त किया जाए?

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