“हरिद्वार प्रशासन पुनः अलोकतांत्रिक हरकतों में”

हरिद्वार प्रशासन और पुलिस द्वारा अनशनरत् श्री गुरुदेवजी को गिरफ्तार करने की कुटिल साजिश रची जा रही है ।

विदित हो कि कुम्भ क्षेत्र की विस्तार को लेकर “मातृसदन” के परमाध्यक्ष पूज्यवर श्री गुरूदेवजी लगातार आठ दिनों से अनशनरत् हैं एवं चार दिनों से पानी तक का परित्याग किये हुए हैं । दूसरी ओर उनके शिष्य ब्रह्मचारी आत्मबोधानंदजी विगत् 15 फरवरी; 2016 से सत्याग्रहरुपी तप पर बैठे हुए हैं ।

कुम्भ क्षेत्र को बढ़ाये जाने की माँग जो सर्वथा जायज माँग है इसे शासन-प्रशासन द्वारा क्रियान्वित करने का प्रयास नहीं किया जाना तथा अमर्यादित और अलोकतांत्रिक तरीके से “मातृसदन” को दमनकारी नीतियों के सहारे परेशान किया जाना घोर निंदनीय है ।

प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री हरीश रावतजी सत्ता के नशे में एक ऐसे संत का अपमान कर रहे हैं जिन्होंने अपना जीवन ही समर्पित कर दिया माता गंगाजी को बचाने तथा कुम्भ क्षेत्र की गरिमा तथा पवित्रता की रक्षा के लिए, प्रदेश सरकार क्या संदेश निर्गत करना चाहती है देशवासियों के समक्ष, गंभीर प्रश्न है ।

प्रशासनिक शक्ति का प्रयोग सेवा कार्यों के लिए किया जाना चाहिए । संस्कृति, तीर्थस्थली तथा देवभूमि की रक्षा के लिए की जानी चाहिए । आज सत्ता है कल नहीं रहेगी इन बातों को वखुबी समझना चाहिये प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्रीजी को । प्रदेश के अपराधियों को सरकारी संरक्षण प्रदान किया जाना और सत्य मार्ग पर चलनेवाले संत को मानसिक और शारिरीक कष्ट पहूँचाते हुए अपमानित करने का घृणित कार्य, अलोकतांत्रिक व निंदनीय है । आश्रम परिसर के बाहर मेला पुलिस और एम्बुलेंस की तैनाती प्रशासन की मानसिकता को स्पष्ट रुप से दर्शाती है कि किस प्रकार प्रशासन मर्यादा की सभी हदों को समाप्त कर बर्बरता नर उतर आई है ।

देशवासियों से विनम्र अनुरोध और अपील है कि माननीय महामहिम राष्ट्रपति महोदय, माननीय प्रधानमंत्रीजी, सर्वोच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय, देश के माननीय गृहमंत्रीजी तथा सभी राज्यों के माननीय मुख्यमंत्रियों से उत्तराखंड सरकार द्वारा किये जा रहे अमानवीय, अमर्यादित तथा अलोकतांत्रिक आचरणों पर रोक लगाने के लिए अनुरोध किया जाय ।

देवभूमि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्रीमान हरीश रावतजी आज महाशिवरात्रि के दिन हमारे देवतातुल्य तथा शिवतुल्य परमादरणीय पूज्यवर श्री गुरुदेवजी को जबरन गिरफ्तार कर सरकारी महाशिवरात्रि मना रहे हैं । महाशिवरात्रि के पावन दिवस के अवसर पर संतश्रेष्ठ श्री गुरुदेवजी के साथ उनके आवासस्थली के ताले को तोड़कर जबरन गिरफ्तार किया जाना घोर अपराध है । प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भारतीय संत समाज को घोर अपमान किया है । “मातृसदन” के समर्पित और श्रद्धावान भक्त इस प्रकार की अनैतिक और अलोकतांत्रिक कारवाई का कठोर शब्दों में भर्त्सना करते हैं ।

इलेक्ट्राॅनिक मिडिया से विनम्र अनुरोध करना चाहता हूँ कि आप आश्रम की स्थिति और सच्चाई को गंभीरतापूर्वक अन्वेषण कर देश की जनता को वास्तविक स्थिति की जानकारी निर्गत करने का प्रयास करें । जय श्री हरि ।

श्री राज कुमार झा

 

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